संग्रह · यह मार्ग नहीं है
यरूशलेम में अंतिम सप्ताह
बैतनिय्याह से खाली कब्र तक: सुसमाचारों के अनुसार यीशु के अंतिम दिन
- 8
- स्थान
- अनुमानित समय
- लगभग ई. 30–36
साथ मेंयीशु·यहूदा इस्करियोती·पतरस·जब्दी का पुत्र याकूब·जब्दी का पुत्र यूहन्ना·अन्द्रियास·प्रेरित फिलिप्पुस·बरतुल्मै·मत्ती·थोमा·हलफईस का पुत्र याकूब·तद्दै·शमौन जेलोतेस·मरियम मगदलीनीयीशु, यहूदा इस्करियोती, पतरस, जब्दी का पुत्र याकूब, जब्दी का पुत्र यूहन्ना, अन्द्रियास, प्रेरित फिलिप्पुस, बरतुल्मै, मत्ती, थोमा, हलफईस का पुत्र याकूब, तद्दै, शमौन जेलोतेस और मरियम मगदलीनी
संपादकीय सारांश
सुसमाचार यीशु के जीवन के अंतिम सप्ताह का वर्णन बहुत विस्तार से करते हैं: बैतनिय्याह में अभिषेक, यरूशलेम में प्रवेश, मन्दिर में उपदेश देने के दिन, अंतिम भोज, गतसमनी में गिरफ़्तारी, गुलगुता में क्रूस पर चढ़ाया जाना और खाली कब्र; इसके बाद यीशु के दिखाई देने की घटनाएँ और उसका स्वर्ग पर उठा लिया जाना।
सुसमाचार कोई वर्ष नहीं बताते। विद्वान सामान्यतः यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने का समय ई. 30 और ई. 36 के बीच मानते हैं।
स्थान सुसमाचारों के वृत्तांतों के क्रम में दिए गए हैं। ये यरूशलेम और उसके आस-पास के अलग-अलग स्थल हैं, जिन्हें जोड़कर कोई मार्ग नहीं खींचा गया है, और इनमें से कई स्थलों को परंपरा के अनुसार पहचाना जाता है।