सुसमाचारों के अन्य लोग · सुसमाचारों और प्रेरितों के काम में स्त्रियाँ
याकूब और योसेस की माता मरियम
अन्य नाम: याकूब की माता मरियम और योसेस की माता मरियम
क्रूस और कब्र के पास उपस्थित यीशु की अनुयायी
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- घटनाएँ
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- स्थान
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- यात्राएँ
संपादकीय सारांश
मरकुस उसका नाम गलील की उन स्त्रियों में लेता है जो दूर से यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने को देख रही थीं और जिन्होंने यह भी देखा कि यीशु को कहाँ रखा गया, और उनमें भी जो सुगन्धित वस्तुएँ लेकर कब्र पर आईं। लूका उसका नाम उन स्त्रियों में लेता है जिन्होंने प्रेरितों को खाली कब्र के बारे में बताया।
पवित्रशास्त्र
यात्राएँ
3इनकी कहानी कहाँ घटित हुई
1वचन में उल्लेख
2क्रूस पर चढ़ाया जाना
यीशु को गुलगुता में दो अन्य मनुष्यों के बीच क्रूस पर चढ़ाया गया, और उसके ऊपर लगाए गए दोषपत्र में उसे यहूदियों का राजा लिखा गया था। दोपहर से तीसरे पहर तक सारे देश में अंधियारा छाया रहा; तब यीशु ने बड़े शब्द से पुकारकर प्राण छोड़ दिए।
स्त्रियाँ खाली कब्र का समाचार देती हैं
भोर को स्त्रियों ने देखा कि पत्थर कब्र पर से लुढ़का हुआ है और शव वहाँ नहीं है, और झलकते वस्त्र पहने दो पुरुषों ने उनसे कहा कि वह जी उठा है। मरियम मगदलीनी, योअन्ना, याकूब की माता मरियम और अन्य स्त्रियों ने प्रेरितों को यह बताया, पर प्रेरितों ने उनकी बात का विश्वास नहीं किया। पतरस दौड़कर कब्र पर गया और उसने वहाँ केवल कपड़े की पट्टियाँ पड़ी देखीं।