गलील · कस्बा
नासरत
- प्राचीन नाम
- नासरत
- आज का स्थान
- नाज़रेथ · इज़राइल
- क्षेत्र
- गलील
- स्थान
- पहचाना हुआ स्थल
संपादकीय सारांश
गलील में यीशु का गृहनगर। लूका के अनुसार स्वर्गदूत ने यहीं मरियम को सन्देश सुनाया। मत्ती और लूका दोनों बताते हैं कि यीशु का पालन-पोषण यहीं हुआ।
यहाँ क्या हुआ
4नासरत में बस जाना
हेरोदेस की मृत्यु के बाद यूसुफ परिवार को लेकर इस्राएल के देश में लौट आया। यहूदिया पर राज्य करनेवाले अरखिलाउस से डरकर वह गलील चला गया और नासरत में बस गया।
मरियम को स्वर्गदूत का सन्देश
नासरत में गब्रिएल स्वर्गदूत ने कुँवारी मरियम से, जिसकी मंगनी यूसुफ से हुई थी, कहा कि वह गर्भवती होगी, एक पुत्र को जन्म देगी और उसका नाम यीशु रखेगी।
नासरत को लौटना
व्यवस्था के अनुसार जो कुछ करना आवश्यक था, वह सब करके वे गलील में अपने नगर नासरत को लौट गए। वहाँ बालक बलवन्त और बुद्धि से परिपूर्ण होता गया।
अपने ही नगर में ठुकराया गया
नासरत के आराधनालय में यीशु ने यशायाह की पुस्तक से पढ़ा और कहा कि पवित्रशास्त्र का यह लेख आज ही पूरा हुआ है। वहाँ उपस्थित लोग उसके विरुद्ध हो गए, और उन्होंने उसे पहाड़ की चोटी से नीचे गिराने का प्रयास किया, पर वह उनके बीच में से निकलकर चला गया।
यहाँ कौन-कौन था
3इन यात्राओं में
पवित्रशास्त्र
एटलस में आस-पास
स्थान की निश्चितता
विद्वानों में आम सहमति है कि यही वह स्थल है।
- निर्देशांक
- 32.7021° उत्तर, 35.2977° पूर्व
- निर्देशांकों के स्रोत
- OpenBible.info af5884f (नए टैब में खुलता है)Wikidata Q430776 (नए टैब में खुलता है)