शासक, अधिकारी और धर्मगुरु
राजा अग्रिप्पा
अन्य नाम: अग्रिप्पा
कैसरिया में पौलुस का प्रत्युत्तर सुननेवाला राजा
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- घटनाएँ
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- स्थान
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- यात्राएँ
संपादकीय सारांश
वह बिरनीके के साथ फेस्तुस से भेंट करने कैसरिया आया, और उसने स्वयं पौलुस की बात सुनने की इच्छा प्रकट की। पौलुस का प्रत्युत्तर सुनने के बाद उसने फेस्तुस से कहा कि यदि पौलुस ने कैसर की दुहाई न दी होती, तो वह छूट सकता था।
पवित्रशास्त्र
यात्राएँ
1इनकी कहानी कहाँ घटित हुई
1वचन में उल्लेख
1अग्रिप्पा और बिरनीके के सामने पौलुस
राजा अग्रिप्पा और बिरनीके कैसरिया आए, और फेस्तुस ने पौलुस को उनके सामने लाने की आज्ञा दी। पौलुस ने अपने पहले के जीवन का, विश्वासियों को सताने का और दमिश्क के मार्ग पर हुए दर्शन का वर्णन किया। बाद में वे इस बात पर सहमत हुए कि उसने मृत्यु-दण्ड या बन्धन के योग्य कुछ नहीं किया है, और अग्रिप्पा ने कहा कि यदि उसने कैसर की दुहाई न दी होती, तो वह छूट सकता था।