शासक, अधिकारी और धर्मगुरु
हन्ना
महायाजक, कैफा का ससुर
- 2
- घटनाएँ
- 1
- स्थान
- 2
- यात्राएँ
संपादकीय सारांश
लूका महायाजक के पद पर कैफा के साथ उसका नाम लेता है (लूका 3:2)। यूहन्ना बताता है कि पकड़े जाने के बाद यीशु को पहले उसके पास ले जाया गया, क्योंकि वह कैफा का ससुर था, और फिर हन्ना ने यीशु को बंधे हुए कैफा के पास भेज दिया।
पवित्रशास्त्र
यात्राएँ
2इनकी कहानी कहाँ घटित हुई
1वचन में उल्लेख
2हन्ना के सामने यीशु
यीशु को बाँधकर पहले हन्ना के पास ले जाया गया, जो उस वर्ष के महायाजक कैफा का ससुर था। जब पतरस को आँगन में भीतर लाया गया, तो उसने द्वारपालिन दासी से कहा कि वह यीशु के चेलों में से नहीं है। महायाजक ने यीशु से उसके चेलों और उसके उपदेश के विषय में पूछा, एक प्यादे ने उसे थप्पड़ मारा, और हन्ना ने उसे बंधे हुए ही कैफा के पास भेज दिया।
महासभा के सामने पतरस और यूहन्ना
जब पतरस और यूहन्ना लोगों से बातें कर रहे थे, तब याजकों, मन्दिर के सरदार और सदूकियों ने उन्हें पकड़ लिया। दूसरे दिन सरदारों, प्राचीनों और शास्त्रियों के सामने, जहाँ हन्ना और कैफा भी उपस्थित थे, पतरस ने कहा कि वह मनुष्य यीशु के नाम से चंगा हुआ है। महासभा ने उन्हें धमकाकर छोड़ दिया।