शासक, अधिकारी और धर्मगुरु
कैफा
यीशु के मुकद्दमे के समय का महायाजक
- 2
- घटनाएँ
- 1
- स्थान
- 2
- यात्राएँ
संपादकीय सारांश
यूहन्ना के अनुसार, उस वर्ष का महायाजक। उसने महासभा से कहा कि सारी जाति के नाश होने से यह भला है कि लोगों के लिए एक मनुष्य मरे, और मत्ती बताता है कि पकड़े जाने के बाद यीशु को उसी के पास ले जाया गया।
पवित्रशास्त्र
यात्राएँ
2इनकी कहानी कहाँ घटित हुई
1वचन में उल्लेख
2कैफा के सामने यीशु
यीशु को कैफा महायाजक के पास ले जाया गया, जहाँ शास्त्री और प्राचीन इकट्ठे हुए थे, और पतरस दूर से उसके पीछे-पीछे महायाजक के आँगन में गया। महायाजक ने यीशु से माँग की कि वह बताए कि क्या वह मसीह है; जब यीशु ने इसका उत्तर दिया, तो महायाजक ने कहा कि उसने परमेश्वर की निन्दा की है, और उन्होंने उसे मृत्युदण्ड के योग्य ठहराया।
महासभा के सामने पतरस और यूहन्ना
जब पतरस और यूहन्ना लोगों से बातें कर रहे थे, तब याजकों, मन्दिर के सरदार और सदूकियों ने उन्हें पकड़ लिया। दूसरे दिन सरदारों, प्राचीनों और शास्त्रियों के सामने, जहाँ हन्ना और कैफा भी उपस्थित थे, पतरस ने कहा कि वह मनुष्य यीशु के नाम से चंगा हुआ है। महासभा ने उन्हें धमकाकर छोड़ दिया।