पौलुस और उसके साथी
अरिस्तर्खुस
पौलुस का मकिदुनी यात्रा-साथी
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- घटनाएँ
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- स्थान
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- यात्राएँ
संपादकीय सारांश
थिस्सलुनीके का एक मकिदुनी, जिसे इफिसुस के हुल्लड़ में गयुस के साथ पकड़ लिया गया था। वह आसिया तक पौलुस के साथ गया, और बाद में रोम की ओर जानेवाली समुद्री यात्रा में भी जहाज पर उसके साथ था; पौलुस उसे अपना साथी कैदी कहता है।
पवित्रशास्त्र
यात्राएँ
2इनकी कहानी कहाँ घटित हुई
3निवासी: थिस्सलुनीके ()
वचन में उल्लेख
3सुनारों का बलवा
दिमेत्रियुस नामक एक सुनार ने, जो अरतिमिस के चाँदी के मन्दिर बनाता था, कारीगरों को पौलुस के विरुद्ध भड़काया। सारे नगर में कोलाहल मच गया, और भीड़ पौलुस के मकिदुनी संगी यात्री गयुस और अरिस्तर्खुस को पकड़कर रंगशाला में दौड़ पड़ी। लोग लगभग दो घंटे तक चिल्लाते रहे; फिर नगर के मंत्री ने उन्हें शान्त किया।
त्रोआस में प्रतीक्षा करते साथी
प्रेरितों के काम में उन लोगों के नाम दिए गए हैं, जो आसिया तक पौलुस के साथ गए: बिरीया का सोपत्रुस, थिस्सलुनीकियों में से अरिस्तर्खुस और सिकुन्दुस, दिरबे का गयुस, तीमुथियुस, और आसिया के तुखिकुस और त्रुफिमुस। ये लोग आगे जाकर त्रोआस में प्रतीक्षा कर रहे थे; वहाँ पौलुस का दल उनसे आ मिला और सात दिन तक वहीं रहा।
सूबेदार यूलियुस के हवाले
जब यह निश्चित हुआ कि वे जहाज से इतालिया जाएँ, तो पौलुस और कुछ अन्य बन्दियों को यूलियुस नामक एक सूबेदार के हाथ सौंप दिया गया, और वे अद्रमुत्तियुम के एक जहाज पर चढ़कर समुद्र में निकल पड़े।