यहूदिया · कस्बा
बैतलहम
- प्राचीन नाम
- बैतलहम
- आज का स्थान
- बेथलेहम · पश्चिमी तट
- क्षेत्र
- यहूदिया
- स्थान
- पहचाना हुआ स्थल
संपादकीय सारांश
मत्ती और लूका दोनों के अनुसार यीशु का जन्म यहूदिया के बैतलहम में हुआ, जिसे दाऊद का नगर कहा गया है।
यहाँ क्या हुआ
4ज्योतिषियों को बालक मिला
तारे की अगुवाई में ज्योतिषियों ने एक घर में बालक को मरियम के साथ पाया, उसकी आराधना की और उसे सोने, लोबान और गन्धरस की भेंट चढ़ाई। स्वप्न में चेतावनी पाकर वे दूसरे मार्ग से अपने देश लौट गए।
मत्ती बताता है कि हेरोदेस ने ज्योतिषियों को बैतलहम भेजा था, जहाँ तारा उस जगह के ऊपर ठहर गया जहाँ बालक था।
हेरोदेस की आज्ञा
ज्योतिषियों के न लौटने से क्रोधित होकर हेरोदेस ने आज्ञा दी कि बैतलहम और उसके आस-पास के सारे क्षेत्र में दो वर्ष के और उससे छोटे सब लड़के मार डाले जाएँ।
बैतलहम में जन्म
औगुस्तुस कैसर ने लोगों के नाम लिखे जाने की आज्ञा दी थी, और इसी कारण यूसुफ और मरियम नासरत से दाऊद के नगर बैतलहम आए। वहाँ मरियम ने अपने पहलौठे पुत्र को जन्म दिया और उसे चरनी में रखा, क्योंकि सराय में जगह नहीं थी।
गड़ेरियों ने समाचार सुना
रात को अपने झुण्ड का पहरा दे रहे गड़ेरियों को एक स्वर्गदूत ने बालक के जन्म का समाचार सुनाया। उन्होंने जल्दी से बैतलहम जाकर मरियम और यूसुफ को, और चरनी में पड़े बालक को पाया।
लूका गड़ेरियों को उसी क्षेत्र के मैदानों में बताता है; इन मैदानों के बारे में इससे अधिक कुछ नहीं बताया गया है।
यहाँ कौन-कौन था
4इन यात्राओं में
पवित्रशास्त्र
एटलस में आस-पास
स्थान की निश्चितता
विद्वानों में आम सहमति है कि यही वह स्थल है।
- निर्देशांक
- 31.7043° उत्तर, 35.2076° पूर्व
- निर्देशांकों के स्रोत
- OpenBible.info a112427 (नए टैब में खुलता है)Wikidata Q5776 (नए टैब में खुलता है)