शासक, अधिकारी और धर्मगुरु
फेलिक्स
कैसरिया में रोमी राज्यपाल
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- घटनाएँ
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- स्थान
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- यात्राएँ
संपादकीय सारांश
वह राज्यपाल जिसके पास पौलुस को यरूशलेम से भेजा गया। उसने पौलुस का प्रत्युत्तर सुनकर निर्णय टाल दिया, बाद में अपनी पत्नी द्रुसिल्ला के साथ पौलुस की बातें सुनीं, और दो वर्ष बाद जब पुरकियुस फेस्तुस उसकी जगह आया, तब वह पौलुस को बन्दी ही छोड़ गया।
पवित्रशास्त्र
यात्राएँ
1इनकी कहानी कहाँ घटित हुई
1वचन में उल्लेख
3कैसरिया में फेलिक्स के हवाले
सवारों ने कैसरिया पहुँचकर राज्यपाल को चिट्ठी दी और पौलुस को उसके सामने खड़ा किया। जब फेलिक्स को पता चला कि पौलुस किलिकिया का है, तो उसने कहा कि पौलुस पर दोष लगानेवालों के आने पर वह उसकी सुनवाई करेगा, और उसे हेरोदेस के किले में रखने की आज्ञा दी।
फेलिक्स के सामने मुकद्दमा
हनन्याह महायाजक कुछ प्राचीनों और तिरतुल्लुस नाम के एक वकील के साथ आया, और तिरतुल्लुस ने फेलिक्स के सामने पौलुस पर बलवा भड़काने और मन्दिर को अशुद्ध करने का यत्न करने का दोष लगाया। पौलुस ने उत्तर दिया कि वह यरूशलेम में आराधना करने और अपने लोगों के लिए दान लाने गया था। फेलिक्स ने मुकद्दमे को टाल दिया और पौलुस को पहरे में रखा।
फेलिक्स और द्रुसिल्ला का पौलुस की बातें सुनना
फेलिक्स अपनी पत्नी द्रुसिल्ला के साथ, जो यहूदी थी, आया और उसने पौलुस से मसीह यीशु पर विश्वास के विषय में सुना; पर जब पौलुस धार्मिकता, संयम और आनेवाले न्याय की चर्चा करने लगा, तो फेलिक्स ने भयभीत होकर उसे विदा कर दिया। धन पाने की आशा में फेलिक्स बार-बार उससे बातें करता रहा, और जब दो वर्ष बाद फेस्तुस उसकी जगह आया, तो फेलिक्स पौलुस को बन्दी ही छोड़ गया।