शासक, अधिकारी और धर्मगुरु
हनन्याह महायाजक
पौलुस की सुनवाई और मुकद्दमे के समय का महायाजक
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- घटनाएँ
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- स्थान
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- यात्राएँ
संपादकीय सारांश
जब पौलुस महासभा के सामने खड़ा था, तब महायाजक के रूप में उसने आज्ञा दी कि पौलुस के मुँह पर थप्पड़ मारा जाए। बाद में वह कुछ प्राचीनों और तिरतुल्लुस नामक वकील के साथ कैसरिया आया, ताकि फेलिक्स के सामने पौलुस पर दोष लगाए।
पवित्रशास्त्र
यात्राएँ
1इनकी कहानी कहाँ घटित हुई
2वचन में उल्लेख
2महासभा के सामने पौलुस
सैन्य-दल के सरदार ने पौलुस को प्रधान याजकों और महासभा के सामने खड़ा किया, और हनन्याह महायाजक ने उसके मुँह पर थप्पड़ मारने की आज्ञा दी। जब पौलुस ने पुकारकर कहा कि वह फरीसी है और मरे हुओं के पुनरुत्थान के विषय में उसका मुकद्दमा हो रहा है, तो फरीसियों और सदूकियों में झगड़ा होने लगा, और सिपाही उसे जबरदस्ती गढ़ में वापस ले गए।
फेलिक्स के सामने मुकद्दमा
हनन्याह महायाजक कुछ प्राचीनों और तिरतुल्लुस नाम के एक वकील के साथ आया, और तिरतुल्लुस ने फेलिक्स के सामने पौलुस पर बलवा भड़काने और मन्दिर को अशुद्ध करने का यत्न करने का दोष लगाया। पौलुस ने उत्तर दिया कि वह यरूशलेम में आराधना करने और अपने लोगों के लिए दान लाने गया था। फेलिक्स ने मुकद्दमे को टाल दिया और पौलुस को पहरे में रखा।