आरंभिक कलीसिया
यीशु का भाई याकूब
अन्य नाम: प्रभु के भाई याकूब
यीशु का भाई, जो यरूशलेम की सभा में बोला
- 3
- घटनाएँ
- 1
- स्थान
- 4
- यात्राएँ
संपादकीय सारांश
पौलुस उसे प्रभु का भाई कहता है; जब पौलुस पतरस से भेंट करने यरूशलेम गया, तब वह याकूब से भी मिला। प्रेरितों के काम में पतरस ने अपने छूटने का समाचार याकूब के पास भिजवाया, याकूब ने सभा में अपना निर्णय सुनाया, और पौलुस अपनी अंतिम यरूशलेम यात्रा में उससे मिलने गया।
पवित्रशास्त्र
यात्राएँ
4इनकी कहानी कहाँ घटित हुई
1वचन में उल्लेख
3यरूशलेम की सभा
यरूशलेम में विश्वासी बने कुछ फरीसियों ने कहा कि अन्यजाति विश्वासियों का खतना होना चाहिए और उन्हें मूसा की व्यवस्था माननी चाहिए। पतरस, बरनबास और पौलुस के बोलने के बाद याकूब ने यह निर्णय दिया कि जो अन्यजाति परमेश्वर की ओर फिरते हैं, उन्हें दुःख न दिया जाए; उनसे केवल इतना कहा जाए कि वे कुछ बातों से परे रहें। पत्री लेकर अन्ताकिया जाने के लिए यहूदा, जो बरसब्बास कहलाता है, और सीलास चुने गए।
पौलुस का याकूब और प्राचीनों को समाचार सुनाना
दूसरे दिन पौलुस ने याकूब और सब प्राचीनों को बताया कि परमेश्वर ने अन्यजातियों में क्या-क्या किया था। व्यवस्था के लिए उत्साही विश्वासियों ने सुना था कि पौलुस अन्यजातियों में रहनेवाले यहूदियों को मूसा से फिर जाने की शिक्षा देता है, इसलिए याकूब और प्राचीनों ने उससे आग्रह किया कि वह मन्नत माने हुए चार पुरुषों के साथ अपने आप को शुद्ध करे; और वह उनके साथ मन्दिर में गया।
पतरस के साथ पन्द्रह दिन
पौलुस लिखता है कि तीन वर्ष बाद वह कैफा अर्थात् पतरस से भेंट करने यरूशलेम गया और उसके साथ पन्द्रह दिन रहा; प्रभु के भाई याकूब को छोड़ वह और किसी प्रेरित से नहीं मिला। वह यह भी कहता है कि परमेश्वर के सामने वह झूठ नहीं बोल रहा।