पौलुस और उसके साथी
तीतुस
पौलुस का यूनानी साथी और सहकर्मी
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- घटनाएँ
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- स्थान
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- यात्राएँ
संपादकीय सारांश
एक यूनानी, जिसे पौलुस अपने साथ यरूशलेम ले गया, जहाँ उसे खतना कराने के लिए विवश नहीं किया गया। पौलुस की पत्रियाँ बताती हैं कि वह कुरिन्थियों का समाचार लेकर मकिदुनिया में पौलुस के पास पहुँचा, कुरिन्थुस गया, और पौलुस उसे क्रेते में छोड़ आया; प्रेरितों के काम में उसका नाम कहीं नहीं आता।
पवित्रशास्त्र
इनकी कहानी कहाँ घटित हुई
4वचन में उल्लेख
4तीतुस का मकिदुनिया में पौलुस के पास पहुँचना
जब पौलुस मकिदुनिया में आया, तो उसे चैन नहीं मिला; बाहर लड़ाइयाँ थीं और भीतर भय था। परमेश्वर ने तीतुस के आने से उसे शान्ति दी, और तीतुस ने उसे कुरिन्थियों की लालसा, उनके शोक और पौलुस के लिए उनकी धुन का समाचार सुनाया।
तीतुस का कुरिन्थुस जाना
पौलुस ने लिखा कि परमेश्वर ने तीतुस के हृदय में कुरिन्थियों के लिए वही लगन डाली थी: तीतुस ने पौलुस का आग्रह मान लिया, और वह स्वयं बहुत उत्साही होकर अपनी इच्छा से उनके पास गया। उसके साथ पौलुस ने एक भाई को भेजा, जिसकी प्रशंसा सुसमाचार के विषय में सब कलीसियाओं में फैली हुई थी।
तीतुस का यरूशलेम जाना
चौदह वर्ष के बाद पौलुस ईश्वरीय प्रकाश के अनुसार बरनबास के साथ फिर यरूशलेम गया और तीतुस को भी साथ ले गया। जिस सुसमाचार का प्रचार वह अन्यजातियों में करता था, उसे उसने एकान्त में उन लोगों के सामने रखा जो प्रतिष्ठित समझे जाते थे। तीतुस, जो यूनानी था, खतना कराने के लिए विवश नहीं किया गया।
तीतुस का क्रेते में छोड़ा जाना
पौलुस ने तीतुस को लिखा कि उसने उसे क्रेते में इसलिए छोड़ा था कि जो बातें अधूरी रह गई थीं उन्हें वह सुधारे, और पौलुस की आज्ञा के अनुसार नगर-नगर प्राचीनों को नियुक्त करे।